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मोनोटोनस जिंदगी
"उफ्फ...तुम कितनी बोरिंग हो.." मैंने सामने वाली चेयर पर बैठी मोनोटोनस जिंदगी से कहा. "तुम न होतीं तो मैं दुनिया भर में फैला तरह-तरह का...
grannykapitara
Jul 27, 20211 min read


गुलज़ार, आदत और तुम – टू द अनबॉर्न
"आदतें भी अजीब होती हैं" गुलज़ार साहब कहते हैं. कुछ आदतें थीं, जिनके 'होने' को ज्यादा वक्त नहीं गुजरा. बात-बेबात किसी से भी, कहीं भी उलझ...
grannykapitara
Jul 27, 20211 min read


एक शाम बस यूँ ही सी.....
हाँ अब मुझे बुरा नहीं लगता... अगर कुछ टिकट खो जाते हैं, या गिफ्ट रैपर्स नहीं मिलते. अब कोई खोई हुई पैकिंग स्लिप मेरी नींद में आकर आहट...
grannykapitara
Jul 27, 20211 min read


पुरानी जींस सी दोस्ती
वो नोकिया 1108 वाले दिन थे...! जब गज़ब की फिलॉसफिकल डिस्कशनबाजी के बीच मोबाइल की येलो लाइट जल उठती थी और बंदा रूम से बाहर...!! वो अलग बात...
grannykapitara
Jul 27, 20212 min read


रेत घड़ी की टिक-टिक
मैक्सिम गोर्की को पढ़ते हुए.... बूढ़ी इजरगिल ठीक ही तो कह रही है, आस-पास ही देख लिया जाये तो प्लानिंग के इस दौर में जीना कितना कागज़ी...
grannykapitara
Jul 26, 20211 min read


माँ के लिए...
मेरे जीवन का पहला रंग, तुम्हारे पैरों का आलता था. तुम 'किस्सा क्वीन' थीं! हर त्योहार, हर लोकोक्ति से जुड़ी कहानियां, किसान की फसल, घर की...
grannykapitara
Jul 26, 20211 min read


पिक्सी डस्ट
जिंदगी के जादू में वही यकीन कर सकता है, जिसे कभी धुली हुई शर्ट से दस का नोट सही - सलामत मिला हो. सिद्धार्थ को मोहभंग तब हुआ जब उन्होंने...
grannykapitara
Jul 26, 20212 min read


आफतों के दौर में, चैन की घड़ी है तू 🎶
बचपन में मैं घर से भाग जाना चाहती थी. जब ये बात उस दिन रिक्शा में बैठे-बैठे बताई थी तो तुम कितना सोच में पड़ गये थे. हम पोस्ट ऑफिस से...
grannykapitara
Jul 26, 20212 min read
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